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Sunday, May 29, 2011

Dear Friend and Sugna Foundation Members,

Dear Friend and Sugna Foundation Members,

Jai Shree Keteswer Maharaj Ki Saa,

App Sabhi ko Kuch samay baad foundation dawra mail bhejhi jaa rahi hai kyoki foundation ke pragram kahi city main calye ja rahe hai
Haal hi picale April 2011 ko Sh.1008 Sh. Keteswar Jaynti 2011Jodhpur Mein Sugana Foundation-Meghlasiya ka ekh Choto Saa Paryas
On Social Service di gahi es par foundation ko kafhi saraya gaya or Sh.1008 Sh. Keteswar Jaynti 2011 Par Sh. Thulacha Ram Ji Maharaj
Dawra Sh. S P Singh ( Umead Singh) Siya, AGRA (Vice President Of Sugana Foundation-Meghlasiya) ko Samanit kiya gaya es app
Sabhi ko badai saa
Koi galti ho toh sama chu ...
App bhi foundation se judane ka samay nikale hamre blog and email sampark kar hame appne do sabdo se samanit aap karege hame asha hai.

by,

Miss Santosh Rajpurohit
(President)
Sugana Foundation-Meghlasiya
Email: Suganafoundation@gmail.com
Website & link add : http://www.hamsinstitute.com/social%20work/socl_wrk_home.htm
Blog: http://suganafoundation.blogspot.com/

photos:

http://www.orkut.com/Main#AlbumList?rl=ms


S P Singh ( Umead Singh) Siya, AGRA
(Vice President )
Contecnt -09837005816, 09837569924
Email: sp9837005816@gmail.com
Website : hamsinstitute.com
link Address: http://www.hamsinstitute.com/social%20work/socl_wrk_home.htm
Blog http://acupressuresp.blogspot.com/

Sunday, April 24, 2011

श्री 1008 श्री तुलछा राम जी महाराज का भव्य स्वागत

राजपुरोहित समाज के आराध्य देव ब्रह्मऋषि संत श्री श्री 1008 श्री खेतेश्वर(खेतारामजी) महाराज 99वीं जयंती पर जोधपुर शहर में विशाल शोभायात्रा निकाल कर हर्षोल्लास के साथ मनाई गई! इस भव्य शोभायात्रा में समाज बंधुओं और सुगना फाउंडेशन मेघालासिया तथा अन्य संस्थाओं ने स्वागत किया! शोभायात्रा का समापन समाज बंधुओं के सामूहिक प्रसादी ग्रहण के साथ हुआ!
















राजपुरोहित समाज ने शुक्रवार को श्री 1008 श्री खेतेश्वर महाराज की जयंती पर 12वीं रोड़ चौराहे स्थित खेतेश्वर मार्ग से सुबह 11:15 बजे रैली निकाली! यह रैली सरदारपुरा, 5वीं रोड पर सुगना फाऊंडेशन-मेघालासिया के सरंक्षक ठा.श्री सुजन सिंह ,ठा.श्री भवर सिंह, श्री विरम सिंह राजपुरोहित ने गुरुदेव गादीपति श्री 1008 श्री तुलछा राम जी महाराज का भव्य स्वागत, अभिनन्दन भी किया इस अवसर पर हैम्स ओसिया इन्स्टिट्यूट के अध्यक्ष श्री हीर सिंह ने समाज बंधुओं का स्वागत किया फिर रैली शनिश्चरजी का थान, जालोरी गेट पहुंची! यहां से प्राचीन शहर में प्रवेश किया! सिरे बाजार होते हुए यह दोपहर बाद यह रैली महावीर कॉम्प्लेक्स पहुंची!







सुगना फाउंडेशन के उपाध्यक्ष श्री उम्मेंद सिंह राजपुरोहित मेघालासिया ने बताया की :- शोभायात्रा में खेतेश्वर महाराज की सवारी के साथ ही कारों एवं ट्रैक्टर ट्राली पर भगवान श्री राम, श्री हनुमान, लोक देवता श्री बाबा रामदेव, श्री शिव पार्वती, श्री राधा कृष्ण , श्री गणेश,मां दुर्गा सहित विभिन्न देवी देवताओं की झांकियां आकर्षण का केंद्र थी! शोभायात्रा में वतन के लिए प्राण निछावर करने वाले शहीद भगतसिंह,राजगुरु व चंद्रशेखर आजाद की फांसी वाली झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही थी!



सुगना फाउंडेशन मेघालासिया के कार्यकर्ता में डॉ.सज्जन सिंह ,डॉ.राजेश आरोड़ा, एस पी सिंह , सुखदेव सिंह, भीम सिंह, मोती सिंह ,डॉ. मदन प्रताप सिंह, उगम सिंह, भरत सिंह ,येस सिंह ,पद्म सिंह,ओम सिंह आदि कार्यकर्ता उपस्थित थे!

Wednesday, April 13, 2011

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Miss Santosh Rajpurohit
(President)
Sugana Foundation-Meghlasiya

E -mail: Suganafoundation@gmail.com

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(Vice President )
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Tuesday, March 8, 2011

अन्त रार्ष्ट्रीय महिला दिवस के मोके पर देश व दुनिया की समस्त महिला ब्लोगर्स को

अन्त रार्ष्ट्रीय महिला दिवस के मोके पर देश व दुनिया की समस्त महिला ब्लोगर्स को सुगना फाऊंडेशन जोधपुर की ओर हार्दिक शुभकामनाएँ..

बेटी बनकर आई हूं मैं मां बाप के जीवन में, बसेरा होगा मेरा किसी और के आंगन में। क्यों यह रीत भगवान ने बनाई होगी, कहते हैं आज नहीं तो कल तू परायी होगी। क्यों रिश्ता हमारा इतना अजीब होता है, क्या बस यही हम बेटियों का नसीब होता है।’’

सुगना फाऊंडेशन के विषम में ये मेरी माताजी {स्व० श्रीमती सुगना कंवर} की याद में बनाया गया है जिनका स्ग्वास 1 सितम्बर 2008 हो गया था! "हैम्स ओसिया इन्स्टिट्यूट" के द्वारा इनकी "प्रथम पुण्य तिथि सन् 2009 पर "सुगना फाउंड़ेशन "मेघालासिया" की स्थापना कि गई बाकी जो कारया आप करना चाहती थी उन कार्यो को अब "सुगना फाउंड़ेशन" का हर सदस्य एंव कार्यकर्ता करे! इसी उद्देश्य से स्थापना की गई है !

आज "सुगना फाउंड़ेशन" ने सामाजिक उत्थान के कारया के साथ साथ " ग्रामीण विकास के लिए कई कारया करने की योजना बनाई है ! इसके तहत ग्रामीण विद्यार्थियो के लिए ज्ञान प्रसार की पवित्र भावना से निः शुल्क स्टेशनरी सामग्री का प्रबंध एंव समाज में जो विशेष योगदान करने वालो को सम्मानित एंव उनको आगे बढ़ाने के लिए प्रयासरत है !

इनकी द्वितीय पुण्य तिथि सन् 2010 में आयोजित कार्यक्रम "श्री बाबा रामदेव जी महाराज" के जन्म महोत्सव पर पैदल यात्रियो के लिए फलाहार एंव मेडिकल सेवाएँ कई विद्यार्थियो तथा अन्य लोगो को सम्मानित किया गया ! इनके "
सुगना शिक्षा पुरूस्कार" शामिल थे!

सुगना फाऊंडेशन के विषम में ओर को जानकारी के लिए


स्व० "श्रीमती सुगना कंवर" के जीवन पर एक नज़र

"जीवन का लक्ष्य था समाज की सेवा"

"स्व० श्रीमति सुगना राजपुरोहित" एक नज़र मे तो एक सामान्य नारी की भाँति नज़र आती है ! लेकिन यह सोच इनकी जीवन शैली पढ़कर बदल जाएगी इन्होने अपने जीवन में तूफ़ानी झंझावतों को झेलकर,आँधियों को मोड़ कर, अंधकार को चीरकार, परेशानियो को मसलकर एक नई राह बनाई और परिवार के साथ-साथ समाज सेवा में भी नाम रोशन किया! इनका जन्म जोधपुर के एक छोटे से गाँव "कनोडीया" में सन् "जुलाई 1960 ई० मे (वि० स० 2017) लगभग में हुआ था! इनके पिता का नाम "स्व० श्री कौशल सिहं सेवड़" एक ज़मींदार किसान थे ! इनकी माता का नाम "स्व० श्रीमति मैंना देवी था ! माता पिता दोनो से सुगना कंवर उर्फ रत्न कंवर काफ़ी प्रभावित थी!
इनको अपना आदर्श मानती थी ! छ: भाई बहनो मे सुगना कंवर उर्फ रत्न कंवर सबसे छोटी थी इसलिए सबसे लाडली थी तथा इनके बड़े भाई "श्री भंवर सिह" (पूर्व एम० टी० ओफिसर आर० ए० सी० पुलिस राजस्थान) इनको प्यार से बाया बाई-सा" कहते थे ! इनके समय मे गाँव मे लड़कियों को नहीं पढ़ाया जाता था!
इनकी शिक्षा बड़े भाई के द्वारा घर पर हुई थी, इनके पिता "स्व० श्री ठा० कौशल सिंह" ने अपनी पुत्री को सदैव सत् संस्कार तथा समाज़ सेवा की सीख दी, साथ ही प्रभु कृपा से इनमे मानवीय गुण कूट-कूट कर भरे थे!
इनको बचपने से ही धार्मिक विचारो एंव समाज सेवा मे रूचि थी इनके पिता का समाज मे काफ़ी नाम था, इसलिए लोग आज भी उन्हे याद करते हैं , इसलिए इनकी रूचि समाज़ सेवा के प्रति और आकर्षित हुई!
इनकी शादी मात्र "16 वर्ष की अल्प आयु" मे श्री बिरम सिंह पुत्र श्रीमान ठा० सुजान सिंह सिया" गाँव "मेघालासिया" जिला "जोधपुर" मे हुआ था ! इनकी माता जी सदैव कहती थी ! हमारी "रत्न" बहुत छोटी है ! लेकिन इन्होने परिवार की ज़िम्मेदारी बहुत जल्दी ही संभाल ली थी ! इनके देवर बहुत छोटे थे ! जिनकी देखभाल (परवरिश) भी इनको ही करनी पड़ती थी

क्योंकि इनकी सासू माँ का स्वर्गवास इनकी शादी से कुछ वर्ष पूर्व हुआ था इसलिए अपने तीन देवरो व एक ननद की ज़िम्मेदारी भी इनके कंधो पर थी उन्हे अपने पैरो पर खड़ा किया और इसके लिए इनको काफ़ी संघर्ष का सामना करना पड़ा था ! इनके तीन पुत्र एंव दो पुत्री थी ! जिनकी परवरिश बखूबी पूर्ण की इन्होने कभी हिम्मत नही हारी (जीवन के हर सफ़र में)!

इनकी समाज सेवा मे बचपन से ही नाता रहा है ! इसलिए शादी के बाद भी परिवार की ज़िम्मेदारियों के साथ- साथ समाज़ सेवा में बहुत योगदान दिया था ! इनके सहयोग से आयोजित "प्राक्रतिक चिकित्सा शिविर" कई स्थानो पर सफलता पूर्ण किए गये तथा जिससे प्राक्रतिक चिकित्सा के प्रति लोगो की रूचि बढ़ी तथा इस चिकित्सा पद्धति के लोगो को जागरूक किया तथा ये शिविर आज भी लगाए जाते है यह सब इनके प्रयास से ही संभव हुआ था !

इनके परिवार की गिनती आज "समाज सेवा" परिवरो में होती है ! इन्होने जीवन के अंतिम समय में भी एकता की मिसाल दी थी! इसका ही उदाहरण है कि परिवार से जिन सदस्यो ने आपस मे दूरी बना ली थी! वे फिर से संगठित हो गये परंतु विधि के विधान के अनुसार 48 वर्ष की अवस्था में 1 सितंबर 2008 दिन सोमवार(हिन्दी माह वि० स०
2065 भादवा सुदी द्वितीया में हमें छोड़कर स्वर्गवासी हो गई!




स्व० श्रीमती सुगना कंवर" कहती थी -
"जो जीवन दूसरों के काम आए तो उसे ही जीवन कहते हैं जो दूसरो के दुख मे दुखी और सुख मे सुखी होता है उसे इंसानियत कहते है!"

किसी ने ठीक कहा है!
"यू तो दुनिया में सदा रहने कोई नहीं आता है!
आप जैसे गई इस तरह कोई नहीं जाता है!
इस उपवन् का दायित्व सौंपकर इतनी
जल्दी संसार से कोई नही जाता है!

आभार
हैम्स ओसिया इन्स्टिट्यूट